राजस्थान में शिक्षा और रोजगार का कितना बजट पेश किया ?

राजस्थान में शिक्षा का कितना बजट पेश किया ?

जयपुर। राजस्थान सरकार ने वर्ष 2020-21 के 12 हजार 345 करोड़ 61 लाख रुपए के घाटे के बजट के साथ निरोगी राजस्थान का लक्ष्य पाने के लिए चिकित्सा पर 14 हजार 533 करोड़ 37 लाख रुपए का प्रावधान का प्रस्ताव रखा है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज विधानसभा में वर्ष 2020-21 का अनुमानित बजट पेश करते हुए चिकित्सा के साथ सात संकल्पों की प्राथमिकता बताई। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण राजस्व गिरावट में कमी बताते हुए कहा कि प्रदेश के 10 हजार 362 करोड़ रुपए केन्द्रीय करों में काटे जा रहे है। इसके बावजूद गरीबों का आंसू पूछने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है जबकि पिछली सरकार के वित्तीय कुप्रबंध के कारण तीन लाख दस हजार करोड़ रुपए का कर्ज विरासत में मिलने के साथ 13 हजार करोड़ रुपए के स्वीकृत किये गये कार्यों के भुगतान का भार भी सरकार पर छोड़ा गया है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा से जुड़े सभी विभागों के लिए वर्ष 2020-21 में कुल 39 हजार 524 करोड़ 27 लाख रुपए का प्रावधान किया है। राज्य में 301 शैक्षणिक ब्लॉक में से 134 पर अंग्रेजी माध्यम विवेकानंद मॉडल स्कूल स्थापित हो चुके हैं और शेष 167 ब्लाॅक में अंग्रेजी माध्यम महात्मा गांधी विद्यालय की स्थापना किया जाना प्रस्तावित है।

सरकार ने निर्णय लिया है कि समस्त सरकारी विद्यालयों में शनिवार के दिन नो बेग डे रहेगा और उस दिन कोई अध्यापन कार्य नहीं होगा। इस दिन अभिभावक-अध्यापक मीटिंग केअतिरिक्त साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों, खेलकूद, कौशल विकास एवं निरोगी राजस्थान के सूत्रों से संबंधित क्रियाये संपादित कराई जायेगी। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आगामी तीन वर्षों में चरणबद्ध रुप से 66 कस्तुरबा गांधी आवासीय विद्यालय की स्थापना की जायेगी। पूरा पढ़े। 

राजस्थान विधानसभा में 2020 कितना बजट पेश किया गया ?

राजस्थान बजट 2020 में राशन डीलर को क्या मिला ?

जयपुर। राजस्थान सरकार ने वर्ष 2020-21 के 12 हजार 345 करोड़ 61 लाख रुपए के घाटे के बजट के साथ निरोगी राजस्थान का लक्ष्य पाने के लिए चिकित्सा पर 14 हजार 533 करोड़ 37 लाख रुपए का प्रावधान का प्रस्ताव रखा है।

राजस्थान सरकार द्वारा आज 2020 का बजट पेश किया गया जिसमें राजस्थान होम गार्ड के लिए क्या दिया गया है ?

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज विधानसभा में वर्ष 2020-21 का अनुमानित बजट पेश करते हुए चिकित्सा के साथ सात संकल्पों की प्राथमिकता बताई। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण राजस्व गिरावट में कमी बताते हुए कहा कि प्रदेश के 10 हजार 362 करोड़ रुपए केन्द्रीय करों में काटे जा रहे है। इसके बावजूद गरीबों का आंसू पूछने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है जबकि पिछली सरकार के वित्तीय कुप्रबंध के कारण तीन लाख दस हजार करोड़ रुपए का कर्ज विरासत में मिलने के साथ 13 हजार करोड़ रुपए के स्वीकृत किये गये कार्यों के भुगतान का भार भी सरकार पर छोड़ा गया है।

राजस्थान बजट 2020 में कर्मचारियों के मंहगाई भते पर न्युज क्या है ?

गहलोत ने निरोगी राजस्थान अभियान को गति प्रदान करने के लिए सौ करोड़ रुपए का निरोगी राजस्थान प्रबंधन कोष के गठन की घोषणा की है जिसमें प्रत्येक जिले को एक करोड़ रुपए प्रचार प्रसार के लिए मिलेंगे। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष संपूर्ण नागरिकों का डिजीटल हेल्थ सर्वे किया जायेगा एवं नि:शक्तता की पहचान के लिए जिला स्तर पर अर्ली इंटरवेंशन सेंटर की स्थापना की जायेगी ताकि ईलाज समय पर किया जा सके। पूरा पढ़े।

वर्ष 2020-21 का आम बजट संसद में कितना पेश किया ?

2020 में कुल कितने का बजट पेश किया गया है ?

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत को दुनिया की पांचवी बड़ी अर्थव्यवस्था बताते हुये शनिवार को कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था की नींव मजबूत है और 2020-21 का बजट आकांक्षी भारत, आर्थिक विकास तथा संवेदनशील समाज की भावना पर केन्द्रित है।

सीतारमण ने बजट में ग्राम पंचायतों को भारतनेट से जोड़ने के लिए 6000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। उन्होंने डिस्काम के लिए पंरपरागत पुराने बिजली मीटर के स्थान पर स्मार्ट मीटर लगाने का प्रस्ताव करते हुए कहा कि भारतीय धरोहर एवं संरक्षण संस्थान की स्थापना होगी।

बजट 2020 में साइलेंट जीपीएस की छूट है या नहीं ?

उन्होंने देश में संपदा निर्माण करने वालों का सम्मान करने का ऐलान करते हुए कहा कि वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए 9500 कराेड़ रुपए का आवंटन किया जा रहा है। उन्होंने अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के लिए 85 हजार करोड़ रुपए तथा अनुसूचित जनजाति के कल्याण के लिए 53700 हजार करोड़ रुपए का आवंटन करने का प्रस्ताव करते हुए कहा कि पूरे देश में डेटा सेंटर पार्क बनाने का काम निजी क्षेत्र को देने के लिए नीति बनाई जाएगी। उन्होंंने कहा कि बैंक में जमा के लिए पांच लाख रुपए का बीमा होगा। अभी यह सीमा एक लाख रुपए है।

पमरे को जबलपुर इंदौर नई रेल लाइन को बजट 2020-21 मे क्या मिला ?

उन्होंने कहा कि नए बने केन्द्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के लिए 30,757 करोड़ रुपए और लद्दाख के लिए 5,958 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है। उन्होंने कहा कि पांच पुरातत्व स्थलों को विकसित किया जाएगा और वहां संग्रहालय भी बनाए जाएंगे। पूरा पढ़े। 

आयकर दाताओं के लिए नई कर प्रणाली बजट में पेश कि गयी ?

Q. 2020-21 के भारत के बजट में सम्भावित आयकर सुधार ?

नई दिल्ली। सरकार ने व्यक्तिगत आयकर दाताओं के लिए बजट में नई सरलीकृत कर प्रणाली का एलान किया है जिसके तहत पहले से मिल रही 100 रियायतों में से 70 को खत्म करने के साथ ही कर के कई स्लैब बनाए हैं।

नई व्यवस्था में पांच लाख से 7.5 लाख रुपए तक की आय पर कर की दर 10 प्रतिशत होगी जबकि 7.5 लाख रुपए से 10 लाख रुपए तक की आय पर कर दर 20 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत की गई है।

दस लाख से 12.5 लाख रुपए की आय पर कर दर को 30 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया गया है जबकि 12.5 लाख की आय पर 25 प्रतिशत आयकर लगेगा। पंद्रह लाख रुपए से अधिक आय पर 30 प्रतिशत की दर से आयकर देना होगा।

उन्होेंने कहा कि 15 लाख रुपए की आय पर पर आयकर दाता यदि किसी प्रकार की छूट या लाभ नहीं लेता है तो उसे एक लाख 95 हजार रुपए का कर देना होगा जबकि पुरानी प्रणाली में दो लाख 73 हजार रुपए का कर देना पड़ता था। इस प्रकार नयी प्रणाली को अपनाने पर 78 हजार का लाभ होगा। पूरा पढ़े। 

वर्ष 2020-21 का आम बजट कितना पेश किया गया ?

निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया बजट का दृश्य ?

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत को दुनिया की पांचवी बड़ी अर्थव्यवस्था बताते हुये शनिवार को कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था की नींव मजबूत है और 2020-21 का बजट आकांक्षी भारत, आर्थिक विकास तथा संवेदनशील समाज की भावना पर केन्द्रित है।

सीतारमण ने मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में अपना दूसरा बजट पेश करते हुए दिवगंत अरुण जेटली को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का शिल्प एवं वास्तुकार बताते हुए कहा कि जीएसटी से देश की अर्थव्यवस्था एकीकृत हुई है और इससे इंस्पेक्टर राज समाप्त हुआ है।

उन्होंने कहा कि सरल जीएसटी रिटर्न प्रक्रिया आगामी एक अप्रेल से लागू की जाएगी। जीएसटी के तहत उपभोक्ताओं को एक लाख करोड़ रुपये के लाभ दिये गये हैं। विभिन्न उत्पादों पर जीएसटी में कमी किए जाने से प्रत्येक परिवार को मासिक व्यय में चार प्रतिशत की बचत हुई है। जीएसटी के लागू होने से 16 लाख नए करदाता जुड़े हैं।

उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को औपचारिक बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं और जीएसटी भी उन्हीं में से एक है। वित्त मंत्री ने कहा कि वर्ष 2006-16 के दौरान 27 करोड़ 10 लाख लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार के ऋण में उल्लेखनीय कमी आई है और यह मार्च 2014 के 52.5 प्रतिशत से मार्च 2019 में घटकर 48.7 प्रतिशत पर आ गया। पूरा पढ़े।