जो जड़ी बूटियां सेक्स पावर बढ़ा दी है उनके नाम बताएं ?

  लाइफस्टाइल

इन जड़ी बूटियों का इस्तेमाल
शिलाजीत:-  आयुर्वेद के अनुसार शिलाजीत के सेवन के सेक्स पॉवर बढ़ती है क्यूंकि इसमें बहुत सारे खनीज पदार्थ और कार्बनिक यौगिक(organic compound) फुल्विक एसिड होता है जिसके द्वारा यह आपके सेक्स पॉवर को बढ़ाने में मदद करता है । शिलाजीत पुरुषों में शुक्राणुजनन , टेस्टोस्टेरोन का स्तर , शुक्राणु संख्या और शुक्राणु गति को सुधारने में मदद करता है । स्वप्नदोष की समस्या दूर करने के लिए भी शिलाजीत का प्रयोग किया जाता है। इसके लिए शुद्ध शिलाजीत, लौहभस्म, केसर तथा अम्बर का मिलाकर लेना होता है। इससे व्यक्ति की न केवल सेक्स पॉवर में सुधार आता है वरन उसका बूढ़ा शरीर भी 20 वर्ष के जवान की तरह इस प्रयोग के दौरान खटाई, मिर्च मसाला आदि से पूरी तरह दूर रहना चाहिए।
गोखरू:- गोखरू को बहुत से नामों से जाना जाता है। इसे गोक्षुर, त्रिकंटक, क्षुरक, स्वादुकंटक आदि भी कहते हैं। इसके फलों पर कांटे के समान रचना होती है जिस कारण से इसे त्रिकंटक कहते है। इसकी जड़, दशमूल समूह की एक घटक है। औषधीय प्रयोग के लिए इसके सूखे बीजों और जड़ का प्रयोग होता है। गोखरू के बीज ठंडक देने वाले, मूत्रवर्धक, मुत्रशोधक, टॉनिक, शक्तिवर्धक, वीर्यवर्धक और कामोद्दीपक होते है और इसका प्रयोग विविध रोगों के उपचार में किया जाता है जैसे की सांस की बिमारी, वात रोग, बवासीर आदि।
अश्वगंधा अश्वगंधा के निष्कर्षों में शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड के उत्पादन को प्रोत्साहित करने की क्षमता है जो रक्त वाहिकाओं के एक फैलने का कारण बनता है जिससे जननांगों में रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है और यौन इच्छा में वृद्धि होती है। आयुर्वेंद में वात प्रधान रोगों के लिये अश्वगंधा के सेवन की सलाह दी जाती है। अश्वगंधा पौष्टिक और शक्ति संवर्धक होने के कारण पाक धातु की निर्बलता भी नष्‍ट करता है। शीत ऋतु में अश्वगंधा पाक का सेवन करने से यौन शक्ति बढ़ती है। अश्वगंधा पाक 10-10 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम दूध या शहद के साथ सेवन करने से यौनशक्ति में आश्चर्यजनक फायदा होता है। अश्‍वगंधा का सेवन करने से प्रजनन में इजाफा होता है। इससे स्‍पर्म काउंट बढ़ता है और वीर्य भी अच्‍छी मात्रा में बनता है।अश्‍वगंधा, शरीर को जोश देता है जिससे पूरे शरीर में आलस्‍य नहीं रहता है और सेक्‍स करते समय थकान भी नहीं आती है।
सफ़ेद मूसली:- सफ़ेद मूसली एक औषधीय शाकीय पौधा है और उपयोग आयुर्वेदिक औषधी में किया जाता है। इसके जड़ो का इस्तेमाल समान्य दुर्बलता को दूर करने के लिए टॅानिक के रूप में किया जाता है। नपुंसकता के उपचार में भी इसका इस्तेमाल होता है क्यूंकि सफ़ेद मूसली में स्पर्मेटोनिक गुण होता है । वियाग्रा के एक विकल्प के रूप में भी इसका प्रयोग किया जाता है और जिन्सेंग भी सफ़ेद मूसली के सामने फ़ीके हैं ।वियाग्रा की तुलना में सफेद मूसली का कोई साइड इफेक्ट नहीं पाया गया है क्योकि यह आयुर्वेदिक औषधि है और सीधे वानस्पतिक रूप से ही उपयोग होता है ।
अदरक:- अदरक हमारे रसोई में पाए जानेवाला एक और मसाला है जिसे यौन उतेजक के नाम से भी जाना जाता है और अदरक का इस्तेमाल अदरक चाय या पेस्ट के रूप में खाना बनाते समय दुसरे मसालों के साथ किया जा सकता है । अदरक यौन अंगों को उतेजित करने और वासना की भावना को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है| अदरक हमारे शरीर में रक्त संचार को सुधारता है जिसके फलस्वरूप हमारे यौन अंगो (लिंग और योनि ) को अधिक रक्त की प्राप्ति होती है और जिसके कारण आपका सेक्स ड्राइव और यौन प्रदर्शन को बढ़ाता है क्यूंकि अगर आप सफलतापूर्वक अपने यौन कार्य को करना चाहते हैं है तो यह जरुरी है कि आपके अंगो को अधिक मात्रा में ऑक्सीजन मिले और अधिक रक्त प्रवाह का मतलब है अधिक ऑक्सीजन मिलना। लिंग के लिए कम रक्त प्रवाह के कारण इरेक्टाइल डिसफंक्शन और अन्य यौन समस्याओं होती है ।

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