क्लाइंट साइड सर्वर टेक्नोलॉजी क्या है

  टेक्नोलॉजी
  • क्लाइंट प्रक्रिया (Client Process)
    क्लाइंट सर्वर आर्किटेक्चर मे, क्लाइंट प्रोसेस एक प्रोसेस एक प्रोग्राम है, जो सर्वर प्रोसेस प्रोग्राम को एक रिक्वेस्ट भेजता है। क्लाइंट प्रोग्राम सामान्यतः Application के User Interface हिस्से को व्यवस्थित करता है, यूजर केे द्वारा प्रिविस्ट किये गये डाटा को Valid घोषित करता है तथा सर्वर प्रोग्राम केा आग्रह भेजता है तथा कभी कभी व्यापार लाॅजिक को क्रियान्वित करता है। क्लाइंट प्रोसेस एप्लीकेशन फ्रन्ट.एंड होता है जिसे प्रयोक्ता देखता है तथा उसके साथ संवाद करता है। क्लाइंट वर्कस्टेशन का एक मुख्य तत्व इसका ग्राफिकल यूजर इन्टरफेस है।
  • सर्वर प्रक्रिया (Server Process)
    क्लाइंट सर्वर आर्किटेक्चर मे, सर्वर प्रोसेस एक ऐसा प्रोग्राम है, जो क्लाइंट द्वारा रिक्वेस्ट किये गये कार्य को पूरा करता है। आमतौर पर सर्वर प्रोग्राम क्लाइंट प्रोग्राम से रिक्वेस्ट प्राप्त करता है तथा क्लाइंट को Response करता है। सर्वर आधारित प्रोसेस नेटर्वक की दूसरी मशीन पर भी चल सकता है। यह सर्वर हाॅस्ट आॅपरेटिंग सिस्टम या नेटर्वक फाइल सर्वर हो सकता है। सर्वर को फिर File System सेवाएं तथा एप्लीकेशन प्रदान किया जाता है तथा कुछ स्थितियो मे कोई दूसरा डेक्सटाॅप मशीन एप्लीकेशन सेवाएं प्रदान करता है।
  • Client Server Architecture (क्लाइंट सर्वर आर्किटेक्चर)
    जहाॅ पर कम्प्यूटरो की अधिकता हो इस प्रकार के वातावरण के लिये क्लाइंट सर्वर आर्किटेक्चर को तैयार किया गया था। उदाहणार्थ, बहुत सारे कम्प्यूटरो को आपस मे नेटवर्क तकनीक के द्वारा जोड दिये जाते है। इनमे किसी एक कम्प्यूटर को Workstation बना देते है। Server पर इन सभी कम्प्यूटरो की फाइले सेव होती है तो ऐसे माडॅल को Client Server माॅडल कहते है। इस माॅडल मे एक या एक से अधिक कम्प्यूूटर क्लाइंट होते है तथा Server एक होता है। इस माॅडल मे क्लाइंट अपनी रिक्वेस्ट नेटर्वक के द्वारा सर्वर पर भेजता है तथा Server उस रिक्वेस्ट को Response करता है। इस तरह का नेटर्वक संसाधनो का साझा उपयोग करने मे मदद करता है। इस तरह के माॅडल मे हम हार्डवेयर तथा साॅफ्टवेयर को Share कर सकते है। उदाहरणतः प्रिटंर को Server से Connect कर देते है तो फिर किसी भी वर्कस्टेशन से किसी भी फाइल का प्रिटंआउट निकाल सकते है।

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