बच्चों के पेट में कीड़ों की समस्या के घरेलू उपाय ?

बच्चों के पेट में कीड़े का कोई अच्छा ईलाज बताईए ?

बच्चे घर से ज्यादा बहार का स्ट्रीट फ़ूड खाना ज्यादा पसंद करते हैं। बच्चें इतना अधिक बहार के खाने का सेवन करते हैं जिसकी वजह से उनके पेट में गड़बड़ी हमेशा बनी रहती हैं। कई बार पेट में कीड़े तक पड़ जाते हैं जिसकी वजह से उनका मन कई नहीं लगता ओर लूज़मोशन, उल्टी होने लगती हैं। इसकी वजह से वे कई बार डॉक्टर के इलाज से दवाई का भी सेवन करते हैं लेकिन वे भी असरदार नहीं होती हैं। इसलिए आपके भी पेट में कीड़े हो रहे हैं तो कुछ घरेलू उपचार करे।

बच्चों के पेट में कीड़े होना बहुत ही आम बात है। अगर आपके बच्चे के पेट में कीड़े हैं तो परेशान होने या घबराने की बात नहीं। बहुत से तरीके हैं जिनकी मदद से बच्चों के पेट के कीड़ों को खत्म किया जा सकता है। शिशु के पेट में कीड़े या कृमि का संक्रमण कई वजह से हो सकता है। जैसे की जमीन पर नंगे पैर चलने/खेलने से, अशुद्ध आहार ग्रहण करने से, संक्रमित पानी पिने से। पूरा पढ़े। 

पेट में कीड़े होने पर ठीक करने के उपाय ?

बड़ों के पेट में कीड़े हो जाए तो कौन सी दवा खाएं ?

सबगुरु न्यूज़: कई लोगो के पेट में कीड़े की समस्या होती है, यह कारणों से होती है कई बार यह इंफेक्शन के कारण हो जाती है, कभी यह खराब भोजन या कभी घरो के आसपास गंदगी, कच्चा भोजन या दूषित खाने से हो जाती है।

गलत खान-पान के कारण लोगों को पेट से जुड़ी कई समस्याएं हो जाती है, इन्हीं में से एक है पेट में कीड़ों का होना। पेट में कीड़े की समस्या बच्चों और बड़ों दोनों को ही सकती है। पेट में दर्द, गैस, बदहजमी और खाने की इच्छा मर जाना पेड़ में कीड़े होने के प्रमुख लक्षण है। इसके कारण रोगी को असहनीय पेट दर्द, शरीर का रंग पीला या काला पड़ना, सूजन, बुखार, चक्कर आना और होठों का सफेद होना जैसी प्रॉब्लम का भी सामना करना पड़ता है। गंदगी के कारण भी पेट में कीड़े पैदा हो सकते है। इसके अलावा बाजार से खरीदा अस्वच्छ भोजन का सेवन भी पेट संबंधित कई रोग पैदा करता है। पूरा पढ़े।

सिरदर्द को दूर करने के लिए घरेलू उपचार

Head Pain Tips Hindi ?

सिरदर्द एक ऐसी समस्या है जिससे ज्यादातर लोग जूझते हैं। कई बार हल्का सिरदर्द लगातार बना रहता है। ज्यादातर लोगों में थकान और टेंशन की वजह से सिरदर्द होता है। सिरदर्द कभी-कभी हल्का होता है तो कभी बेहद दर्दनाक हो जाता है जिसे बर्दाश्त करना मुश्किल होता है। आपको कुछ घरेलू उपाय बताते हैं जिससे सिरदर्द में राहत मिल सकती है।

आजकल दिनभर कंप्यूटर और मोबाइल में बैठने से सर दर्द की बीमारी होने लगती हैं। कई बार यह सर दर्द इतना अधिक होता हैं की जीना मुश्किल हो जाता हैं। कई लोग अपने सर दर्द को ठीक करने के लिए दवाई का इस्तेमाल करते हैं और कई इसको ठीक होने तक का इंतज़ार करते हैं। अगर आप दवाई से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो हम आपके लिए कुछ घरेलू उपाए लेकर आये हैं जिससे आपका सर दर्द चुटकियों में दूर हो जायेगा।

सिरदर्द वैसे तो बेहद आम है लेकिन जब सिरदर्द होता है तो यह काफी परेशान कर सकता है। आपका किसी भी काम में मन नहीं लगता और अगर दर्द बढ़ जाए तो कई बार आप उठ भी नहीं पाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप कुछ घरेलू उपायों के बारे में जान लें जिससे सिरदर्द में आराम मिलता है। पूरा पढ़े। 

अनियमित पीरियड की समस्या को दूर करने के उपाय ?

अनियमित समय पे पीरियड आना कोई घरेलू नुस्खा बताईये ?

इरेग्युलर पीरियड्स/अनियमित मासिक धर्म महिलाओं में होने वाली कॉमन प्रॉब्लम है। कई बार यह समस्या बेहद सामान्य होती है और थोड़ी सावधानी व उपचार से ठीक हो जाती है, लेकिन कई मामलों में यह बेहद गंभीर बीमारी बन जाती है। ऐसे में इरेग्युलर पीरियड्स की समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। इससे ग्रस्त महिलाओं को कई प्रकार की समस्याएं होने लगती हैं। इस समस्या के कई लक्षण हैं, जिनसे इसकी पहचान की जा सकती है और समय से इसका इलाज कराकर परेशानी से निजात पाई जा सकती है।

आमतौर पर महिलाओं में पीरियड्स 14 से 50 साल की उम्र के बीच होता है।यह चक्र महीने में एक बार होता है और तीन से पांच दिन तक रहता है। इरेग्युलर पीरियड्स की समस्या इन दिनों महिलाओं को इसलिए भी ज्यादा होती है, क्योंकि जीवन शैली बहुत तेज हो गई और वे न तो खाने-पीने की ठीक से ख्याल रख पाती हैं और न ही पर्याप्त आराम मिल पाता है। यही कारण है कि कई किशोरियों में जल्दी या फिर देर से पीरियड्स शुरू होते हैं। इस अवस्था को ओलिगोमेनोरिया कहा जाता है।

पीरियड्स कि समस्या महिलाओं के लिए सबसे बड़ी समस्या है। पीरियड्स का नियमित समय पर न आना। अधिकतर महिलाये अनियमित पीरियड से काफी परेशान रहती है। अनियमित पीरियड्स के कारण महिलाओ को अन्य समस्याओ का सामना करना पड़ता है। परन्तु घरेलू नुस्खे से अनियमित पीरियड को नियमित किया जा सकता है। देखिये कुछ घरेलू नुस्खे के बारे मे। पूरा पढ़े। 

जोड़ों के दर्द के उपचार का सबसे आसान तरीका है ?

जोड़ों के दर्द में किस तरह का आहार लेना चाहिए ?

जोड़ों के दर्द/अर्थराइटिस के दर्द, को बढ़ती उम्र (ओल्ड एज सिंड्रोम) के रूप में न लें। हाल-फिलहाल में युवाओं और प्रौढ़ उम्र के लोगों में भी जोड़ों के दर्द की बढ़ती शिकायतें दर्ज की गई हैं। मांसपेशियों और हड्डियों की मूवमेंट का मतलब जोड़ों में टूट-फूट की समस्या का बढ़ना नही है, लेकिन यह आवश्यक पोषक तत्वों की कमी और नर्वस टिशूज में आये ढीलेपन का संकेत हो सकता है।

जरूरी कैल्शियम और मैग्नीशियम के अवशोषण में होने वाली कमी हमारे शरीर में विटामिन डी पर निर्भर करता है। यदि हमारे शरीर में विटामिन डी की कमी हो, चाहे वह हमारे द्वारा ली जा रही दवाएं रक्तधाराओं में सही रूप में अवशोषित न हो रही हो तो इससे समय पर आराम नहीं मिल पायेगा।

अस्थि-पंजर, इंसानी शरीर के अंदरूनी हिस्से की मुख्य संरचना होती है। ये अस्थि-पंजर 206 हड्डियों पर टिकी होती हैं; उन हड्डियों की वजह से ही इंसान चलता-फिरता है। हमारे शरीर की कुछ हड्डियों में जोड़ होते हैं; ये जोड़ हमारे शरीर को निर्बाध रूप से हिलाने में मदद करते हैं। जोड़ शरीर का सबसे जरूरी हिस्सा होते हैं, जोकि हड्डियों को आपस में जोड़ते हैं। हमारे शरीर में मुख्य रूप से पांच प्रकार के जोड़ होेते हैं। पूरा पढ़े।